चतरा, नवम्बर 1 -- जिले के सदर अस्पताल में संचालित मेडॉल जांच केंद्र के बंद होने से आम और गरीब तबके के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पहले जहां आयुष्मान कार्ड या राशन कार्ड दिखाकर मरीज नि:शुल्क जांच और उपचार करा सकते थे, अब उन्हें निजी क्लीनिक और अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां इलाज महंगा होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी बोझ पड़ रहा है। सदर अस्पताल में पहले से ही सर्जन और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई थी। अब मेडॉल के बंद हो जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। अस्पताल में न तो ऑपरेशन की सुविधा है और न ही किसी प्रकार की प्रमुख जांच की व्यवस्था बची है। ऐसे में लोग छोटी-मोटी बीमारी या सर्जरी के लिए भी प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भर हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल के समीप चल रहा मेडॉल अब बंद हो गया है। बताया जा...
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