चतरा, दिसम्बर 5 -- चतरा हिन्दुस्तान प्रतिनिधि चतरा में किसान धीरे-धीरे पुरानी पद्धति को छोड़कर नई पद्धति अपनाना शुरू कर दिए हैं। अब किसान वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से खेती करने लगे, और अपने-अपने खेतों की मिट्टी का भी जांच कराते हैं। मिट्टी की जांच करने से किसानों को यह पता चलता है की मिट्टी में किस तत्व की कमी और किस तत्व की मात्रा अधिक है। किसान मिट्टी के जांच के अनुसार खेतों में खाद व अन्य सामग्री डालते हैं। चतरा जिला में दो प्रखंड हंटरगंज और प्रतापपुर को छोड़कर शेष 10 प्रखंडों की मिट्टी में अम्लीय मिट्टी ज्यादा है। मिट्टी अम्लीय होने के कारण मिट्टी में चूना का उपयोग कर अम्लीयता को कम किया जा रहा है। इसके अलावा मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की भी कमी माइक्रो न्यूट्रेन (सूक्ष्म पोषक तत्व) यहां की मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ब्र...