मधुबनी, जुलाई 27 -- अंधराठाढ़ी। प्रखण्ड के हररी गांव स्थित चण्डेश्वर नाथ महादेव मंदिर इस इलाके के ऐतिहासिक प्राचीन धरोहरों में से एक है। यूं तो चण्डेश्वर महादेव स्थान में सालों भर धार्मिक गतिविधियां चलती रहती हैं किन्तु सावन की सोमवारी और महा शिवरात्रि आदि के अवसर पर मेला लगता है। किवंदतियां है कि शिव गण चंड भैरव ने यहां शिवलिंग स्थापित कर जलाभिषेक और पूजा करते थे। यहां का शिवलिंग आकार और आकृति में दूसरे स्थानों से भिन्न है । स्थानीय श्रद्धालुओ के मुताबिक शिव भैरव की कृपा व क्रोध का फलाफल आज भी लोगों को मिलता है। टी एम विश्वविद्यालय भागलपुर के संस्कृत विभागाध्यक्ष रहे स्व डॉ महेश झा लिखित चंडेश्वर सुप्रभात स्तोत्रम के अनुसार एक वार शिव से झगड़ा कर शिवगण चंड यहां आकर छिप गये थे।।इस कारण से इस स्थान का नाम हरडीह भी है । कालान्तर में हरडीह हरर...
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