गिरडीह, नवम्बर 14 -- जमुआ, प्रतिनिधि। मोंथा चक्रवात के दौरान आई वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश का पानी अब भी कई गांवों के खेतों में जमा है। जिससे धान की पक्की फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। खेतों में पानी जमे रहने से किसान धान की कटाई का काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय किसान धपरू महतो, लूटन महतो, गुलाब महतो, चिंतामणि वर्मा, महेंद्र यादव सहित कई किसानों ने बताया कि इस बार धान की फसल उम्मीद से बेहतर हुई थी। पौधों में भरपूर बालियां लगी थी और पैदावार भी अच्छी दिख रही थी। लेकिन अचानक हुई वर्षा और तेज हवा ने सारी मेहनत पर ग्रहण लगा दिया। खेतों में लहलहाती फसल पानी में डूब गई। कई जगह पौधे गिरकर सड़ने लगे हैं। जो धान अभी कटाई योग्य है वह भी खेत सूखने का इंतजार कर रहा है। किसानों का कहना है कि लगातार पानी भरे रहने स...