बगहा, दिसम्बर 11 -- बेतिया शहर के लिए वरदान मानी जाने वाली चंद्रावत नदी इतिहास बनने के कगार पर पहुंच गया है। ऐतिहासिक महत्व वाली यह नदी योगापट्टी प्रखंड के भवानीपुर सरेह से निकलती है और बेतिया शहर से सट कर बहते हुए नौतन में यह गंडक में मिल जाती है।शहर के दक्षिणी छोर से सटकर बहने वाली यह नदी न सिर्फ बेतिया तक पटना से माल ढुलाई का साधन थी बल्कि शहर के नाले का पानी भी निकालने का जरीया थी। यह आज पूरी तरह अतिक्रमण का शिकार हो गई है। अतिक्रमण से नदी से नाला में तब्दील चंद्रावत में अब पानी नहीं बहता, जलकुंभी और गाद भरा हुआ है। यदि अतिक्रमण मुक्त कर इसके गाद व जलकुंभी की सफाई की जाय तो यह अब भी यह नदी बेतिया नगर निगम की लाइफ लाइन बन सकती है। पानी की निकासी इस नदी के माध्यम से नहीं होने से शहर में जलजमाव की समस्या गंभीर हो गई है। चंद्रावत नदी की ख...