बिहारशरीफ, नवम्बर 19 -- घोड़परास और वन सूअर का डर नहीं, बंजर भूमि में लेमनग्रास की करें खेती सुगंधित पौधों का क्षेत्र विस्तार योजना में पहली बार नालंदा का हुआ चयन 10 हेक्टेयर में लहलहाएगी फसल, प्रति हेक्टेयर 75 हजार मिलेगा अनुदान सुगंधित व औषधीय पौधे की खेती का होगा क्षेत्र विस्तार,किसान करेंगे आमदनी फोटो लेमनग्राम : कुछ इसी तरह खेतों में तैयार होंगे लेमनग्रास के पौधे। (फाइल फोटो) बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। घोड़परास (नीलगाय) न फसल को खाएगी और न वन सूअर क्षति पहुंचाएगा। जिले के ऊसर (बंजर) भूमि पर 'लेमनग्रास' की खेती होगी। सुगंधित पौधों का क्षेत्र विस्तार योजना में पहली बार नालंदा का चयन हुआ है। औषधीय और सुगंधित पौध की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत यह कि सरकार प्रति हेक्टेयर 75 हजार रुपया अनुदान देगी। खास यह भी कि उन्नत प्रभेद...