धनबाद, मई 22 -- धनबाद, वरीय संवाददाता। झारखंड में शराब घोटाले का उत्पाद विभाग के राजस्व पर तो असर पड़ा ही है, इससे सबसे ज्यादा प्रभावित दुकानों में काम करने वाले कर्मी रहे। कर्मचारियों का मानदेय शराब घोटाले की भेंट चढ़ गया। धनबाद में शराब की 54 दुकानें हैं, जहां करीब साढ़े तीन सौ कर्मी कार्यरत हैं। इन्हें महीनों से वेतन नहीं मिला है। अब तो शराब दुकानों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है। तीन वर्षों में तीन कंपनी, सभी ने ठगा : तीन वर्षों में एटूजेड, मार्शल और आरके कंपनी ने झारखंड में सेवा दी। मैनपावर सप्लाई करने वाली सभी कंपनियों ने कर्मियों का मानदेय बकाया रखा। कर्मियों की मानें तो एटूजेड ने चार माह, मार्शल ने सात माह और अब नई कंपनी आरके ने दो माह का मानदेय नहीं दिया है। मानदेय के एवज में जमा बॉन्ड निकला फर्जी : लंबे समय से मानद...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.