शिमला, दिसम्बर 17 -- हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व न्यायाधीशों को दी जाने वाली घरेलू सहायता राशि और टेलीफोन खर्च के भुगतान को लेकर अदालत को गुमराह करने पर प्रदेश के वित्त सचिव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना की जा रही है और अब संबंधित अधिकारी को दंडित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने कहा कि पूर्व न्यायाधीशों को देय राशि का भुगतान करने से बचने के लिए अदालत को घुमा-फिराकर गुमराह किया गया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह रवैया न केवल गलत है, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सीधा उल्लंघन भी है। अदालत के इस कड़े रुख को देखते हुए महाधिवक्ता ने वित्त सचिव को दंडित करने के आदेश को अगली सुनवाई त...