हल्द्वानी, जनवरी 13 -- हल्द्वानी, संवाददाता हिन्दुओं के सबसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में से एक मकर सक्रांति भी है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान की परंपरा है। कुमाऊं में इसे उत्तरायणी और घुघुतिया त्योहार के नाम से भी जाना जाता है, जबकि गढ़वाल में खिचड़ी सक्रांति कहा जाता है। कुमाऊं में इस दिन आटे की घुघुते, खजूर आदि बनाए जाते हैं जबकि गढ़वाल में खिचड़ी खाने और दान करने की परंपरा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. मंजू जोशी ने बताया कि 14 जनवरी, बुधवार को मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य देव अपराह्न 03:07 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शास्त्रों के अनुसार, यदि सूर्य का राशि परिवर्तन सायं काल से पूर्व हो, तो उसी दिन सूर्योदय से ही संक्रांति का पुण्यकाल मान्य होता है। इसी दिन से सूर्य द...