इंदौर, दिसम्बर 14 -- इंदौर में हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से उद्घाटित हाईटेक फूड एंड ड्रग लैब का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। जिला प्रशासन के सख्त रुख और कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर पालदा क्षेत्र में संचालित एक घी फैक्ट्री पर हुई कार्रवाई ने मिलावट के खतरनाक खेल को उजागर कर दिया। अक्टूबर में जब्त किए गए करीब 20 लाख रुपए के घी की जांच रिपोर्ट ने प्रशासन और आम जनता दोनों को चौंका दिया है। घी के 10 सैंपल में से 7 पूरी तरह फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन सैंपलों में असली घी की मात्रा महज 10 से 20 फीसदी निकली, जबकि शेष हिस्सा वनस्पति और अन्य तेल का था। इससे भी गंभीर बात यह कि घी में जानवरों के अंश मिलने की पुष्टि लैब अधिकारियों ने प्रशासन को कर दी है। कुछ सैंपलों को उच्च स्तरीय पुष्टि के लिए केंद्र की मैसूर लैब भेजा...