नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- छठ महापर्व की रौनक के बीच इस बार जाले की फिजा में सियासत की गर्मी भी घुल गई है। हजारों प्रवासी अपने घर लौट आए हैं, और इन्हीं लौटे चेहरों पर अब प्रत्याशियों की निगाहें टिकी हैं। घाटों पर दीये जलेंगे, अर्घ्य चढ़ेगा मगर इसी आस्था के माहौल में वोट की बात भी धीरे-धीरे फुसफुसाएगी। नेताओं के लिए यह मौका श्रद्धालुओं से जुड़ने का ही नहीं, बल्कि प्रवासी मतदाताओं का दिल जीतने का भी है।छठ के घाटों पर मतदाताओं को लुभाने की तैयारी आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर जाले नगर परिषद, कमतौल और अहियारी नगर पंचायत क्षेत्र में जबरदस्त तैयारी चल रही है। खिरोई नदी और तमाम तालाबों पर घाटों को सजा-धजाकर पूजा के लिए तैयार कर दिया गया है। इस बार छठ सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि लोकतंत्र के महापर्व से जुड़ा खास मौका भी है। क्योंकि बिहार चु...