नई दिल्ली, जनवरी 31 -- रोज की लाइफ में कई तरह की समस्याएं होती है। कई बार ये शरीर से जुड़ी ना होकर आपसी रिश्तों से जुड़ी होती है। जिसमे लोग समझ नहीं पाते कि कैसे रिएक्ट या रिस्पांस दिया जाए। ऐसे में मनोविशेषज्ञ से जानें मन की उलझनों के जवाब। * मेरी मां पूजा-पाठ और विधि-विधान में बहुत ज्यादा विश्वास करती हैं। दिक्कत यह है कि उनकी अपेक्षा है कि घर के सारे सदस्य भी पूजा-पाठ के मामले में उनकी तरह ही सक्रिय रहें। उनकी बात टालने पर वह बहुत ज्यादा गुस्सा हो जाती हैं और चीखने-चिल्लाने लगती हैं। इस स्थिति का सामना कैसे किया जाए? - पूजा सिंह, पटना ईश्वर में आस्था एक निजी विश्वास है। हर व्यक्ति का अधिकार है कि जिस भगवान में उसकी आस्था है, वह उसकी पूजा-अर्चना करे। पूजा के विधि-विधान मनुष्यों ने बनाए हैं। जब आपकी विचारधारा इस मामले में अलग हो और कोई व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.