फतेहपुर, जनवरी 6 -- फतेहपुर। घरों के डोर बेल बजाकर कंपनियों का सामान व खाद्य सामग्री पहुंचने वाले गिग वर्कर्स (डिलेवरी मैन) खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उपभोक्ता द्वारा ओटीपी नहीं देने, डिलवरी के पैसे को लेकर विवाद रोज की समस्या। कंपनियों का टाइम स्लॉट जारी करने के बाद आर्डर पर डिलीवरी पहुंचाने को वाहनों को तेज रफ्तार दौड़ाने से हादसे का खतरा है। ऐसे में खतरे के बीच मिलने वाली आय भी प्रभावित होती है। समय से डिलिवरी पहुंचाए जाने के लक्ष्य के चलते गिग वर्कर्स पर एक्सीडेंट का खतरा मंडराता रहता है, लेकिन यदि सामान पहुंचाने में लेटलतीफी हो जाती है तो कई बार कंपनियां इन पर पेनाल्टी भी लगा देती हैं। इसके बावजूद इनको दी जाने वाली सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। उस पर डिलीवरी के रेट कई बार इतने कम होते हैं कि उसे पहुंचाए जाने का खर्चा भी नहीं...