संभल, फरवरी 5 -- नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य और मातृ स्वास्थ्य की मजबूत नींव रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां आज खुद गंभीर समस्याओं से जूझ रही हैं। जनपद भर में घर-घर जाकर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण उपलब्ध कराने वाली ये कार्यकत्रियां अब अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं। कार्यकत्रियों का कहना है कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा के साथ सरकार की योजनाओं को धरातल तक पहुंचा रही हैं। कभी धूप, कभी बारिश तो कभी संसाधनों की कमी-हर हाल में वे समाज की सबसे निचली कड़ी तक पोषण पहुंचाने का काम करती हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिलता है और न ही सामाजिक व प्रशासनिक सम्मान। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का दर्द है कि जिन हाथों से वे घर-घर पोषण बांटती हैं, उन्हीं हाथों को आज अनदेखी झेलनी पड़ रही है। कार्...