भदोही, नवम्बर 16 -- भदोही, संवाददाता। सर्द हवा संग घना कोहरा पड़ना शुरु हुआ तो आलू फसल में झूलसा रोग का खतरा बढ़ जाएगा। इन दिनों किसान पहली सिंचाई कर मिट्टी चढ़ाने का काम कर रही हैं। पछार आलू की बोआई खेतों में अब भी चल रहा है। कृषि कार्य में किसान जी-जान से जुटे हैं। ऐसे में झूलसा रोग से बचाव को कृषक को विशेष सावधानी बरतना होगा। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड डॉ. विश्वेंदु द्विवेदी ने बताया कि बिना बीजशोधन के आलू की बुवाई होने से झुलसा व लीफ रोल वायरस का खतरा बढता है। आलू फसल में दो तरह का झूलसा रोग लगता है। पहला अगेती झुलसा तो दूसरा पिछेती झूलसा। यह दोनों झूलसा बीमारियां फफूंदी के प्रकोप के कारण आलू में लगता है। झुलसा रोग की फफूंदी आलू के बुवाई के लिए प्रयुक्त बीज से फैलती है। इसलिए बुवाई से पूर्व आलू के कंदो का शोधन...
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