टिहरी, मार्च 20 -- टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि देश-दुनिया में घटते ग्लेशियर और बढ़ते जल संकट को देखते हुए हिमालयी राज्यों, देशों को मिलकर पैरवी करनी जरूरी है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिमालय और गंगा के सबसे बड़े हिमायती हैं। यदि उन्होंने इस आंदोलन को लीड कर दिया तो, निश्चित ही अंतरराष्ट्रीय विरादरी को इस महत्वपूर्ण विषय पर एकमत होकर निर्णय लेना पड़ेगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि हालात यही रहे तो 2050 तक हिमालयी नदियां जलविहीन हो जाएंगी। मुंबई, चेन्नई, कोलकाता पानी में नीचे होंगे। बुधवार को पत्रकार वार्ता करते हुए टिहरी विधायक और हिमालय बचाओ-गंगा बचाओ अभियान वनाधिकार आंदोलन के प्रणेता किशोर उपाध्याय ने पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि हिमालय सहित अन्य पर्वतों में ग्लेशियर लगातार सिकुड़ रहे हैं। 22 मार्च को संयुक्त राष्ट्र स...
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