मथुरा, मई 28 -- जिले में अश्ववंशी (घोड़ा, खच्चर आदि) पशुओं में ग्लैण्डर एवं फारसी जैसी जानलेवा बीमारियों की आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। इसके लिए यहां एहतियातन 28 अश्ववंशी पशुओं के रक्त नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। ग्लैण्डर और फारसी बीमारी दोनों ही अश्ववंशी पशुओं में गंभीर संक्रमण फैलाने वाली बीमारियां हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकती हैं। इन बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम के उद्देश्य से यह जांच अभियान चलाया जा रहा है। पूर्व में यहां इस बीमारी के लक्षण मिलने पर दो घोड़ों को मौत की नींद सुला दिया गया था। यह बीमारी मनुष्य के लिए भी जानलेवा हो सकती है। इसलिए मुख्यतया वृंदावन, मांट क्षेत्र में अश्ववंशियों के रक्त नमूने लिए गए हैं। संग्रहित रक्त नमूनो की बरेली स्थिति प्रयोगशाला में जां...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.