नई दिल्ली, दिसम्बर 9 -- Gratuity Rule: नौकरीपेशा लोगों के लिए ग्रेच्युटी उनकी सेवा का सम्मान है, जो एकमुश्त रकम के तौर पर कंपनी देती है। यह भुगतान ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के तहत होता है और आम तौर पर पांच साल की लगातार सेवा के बाद मिलती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सेवा एक ही कंपनी में होनी चाहिए, अलग-अलग कंपनियों का कुल अनुभव नहीं गिना जाता। साथ ही, ग्रेच्युटी का नियम तभी लागू होता है जब किसी संस्थान में कम से कम 10 कर्मचारी हों। अगर आपका ऑफिस 5-डेज वर्किंग में चलता है, तो आप 4 साल 190 दिन में ग्रेच्युटी के पात्र बन जाते हैं, जबकि 6-दिनीय वर्किंग में यह सीमा 4 साल 240 दिन हो जाती है।इस मामले में नहीं लगती 5 साल की शर्त कई स्थितियों में पांच साल की यह बाध्यता लागू नहीं होती। अगर किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मौत हो जाती है ...