लखनऊ, फरवरी 22 -- पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सड़क हादसे के 42 वर्षीय ब्रेन डेड रोगी ने तीन जरूरतमंद रोगियों को नया जीवन दिया है। साथ ही कॉर्निया से दो लोगों की आंखों को रोशनी मिलेगी। पहली बार किसी ब्रेन डेड के अंगों का प्रत्यारोपण किया गया। इस रोगी की पत्नी ने अंगदान का फैसला लेकर बड़ा साहसिक काम किया है। ये दूसरे लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। तीन लोगों को जीवन और दो को रोशनी देने वाला मृतक अपने पीछे परिवार में पत्नी व आठ वर्ष का बेटा छोड़ गया है। एपेक्स ट्रॉमा से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 18 मिनट में एम्बुलेंस से लिवर और कॉर्निया केजीएमयू पहुंचाया गया। संस्थान निदेशक डॉ. आरके धीमान ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई दी है। पीजीआई के एमएस व सोटो के संयुक्त निदेशक डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि ब्रेन ड...
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