नई दिल्ली, जनवरी 20 -- ग्रीनलैंड की संप्रभुता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद यूरोप और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। इसी बीच वैश्विक निवेशकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यूरोप अमेरिका के खिलाफ एक असाधारण कदम उठाते हुए उसके बॉन्ड और शेयरों जैसे वित्तीय एसेट्स को हथियार बना सकता है। यूरोपीय देशों के पास अमेरिका के करीब 10 ट्रिलियन डॉलर की वित्तीय संपत्तियां हैं, जिससे यह बहस और गहरी हो गई है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विकल्प जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही जटिल और जोखिम भरा भी है। यूरोप की आर्थिक ताकत यूरोपीय संघ के पास 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक अमेरिकी बॉन्ड और शेयर हैं। दुनिया का सबसे बड़ा सार्वजनिक फंड है नॉर्वे का सॉवरेन वेल्थ फंड इसने 2.1 ट्रिलियन डॉलर का निवेश किया हुआ है। इसके अलावा यूक...