औरंगाबाद, अगस्त 31 -- ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और फसलों की बर्बादी का मामला जिले का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। किसानों का आरोप है कि मुख्य सचिव के साथ समझौते और जांच का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक 11 गांवों में लहलहाती धान की फसलें बड़ी मशीनों से रौंदकर नष्ट की जा चुकी हैं, जबकि मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार, 25 अगस्त को किसानों ने पटना में मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम आयोजित किया था। इस दौरान किसानों के 13 सदस्यीय शिष्टमंडल ने मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा से वार्ता की थी। बैठक में बक्सर सांसद सुधाकर सिंह और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रभारी दिनेश कुमार सिंह भी मौजूद थे। मुख्य सचिव ने किसानों को आश्वासन दिया था कि मुआवजा दिए बिना फसलें नष्ट नहीं की जाएंगी और मामले की जांच कर दोषियों...
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