गिरडीह, जनवरी 5 -- गांडेय। झारखंड में पेसा कानून लागु होने से झारखंड के आदिवासी समाज के बीच खुशी की लहर है। ये खुशी की लहर गांडेय के आदिवासियों के बीच में देखी गई, परंतु गांडेय के आदिवासी समाज के सदस्यों के दिल में यह टिस रही की गिरिडीह को पेसा कानून के अधिसूचित जिला में शामिल नहीं किया गया है। बता दें कि झारखंड के कई जिलों को पेसा कानून के अधिसूचित में शामिल किया गया है जबकि कुछ जिलों को उत कानून से बाहर रखा गया है , उक्त जिला में गिरिडीह भी शामिल हैं । हालांकि पेसा कानून लागू होने से आदिवासी समाज के सदस्यों के बीच खुशी देखी गई है । आदिवासी समाज के सदस्यों ने कहा कि पेसा कानून लागू होने से झारखंड के ग्राम सभा के शक्तियों को बल मिलेगा साथ ही ग्राम सभा की स्वशासन को भी ताकत मिलेगा । राज्य की खनिज संपदा को संरक्षण मिलेगा । क्या कहते हैं समा...
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