पटना, दिसम्बर 26 -- विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 पर शुक्रवार को राज्य की सभी 8 हजार ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा हुई। यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देता है। यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (मनरेगा) की जगह लाया गया है। यह विकसित भारत 2024 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप है। पंचायती राज विभाग के अनुसार ग्राम सभा में पंचायत जन प्रतिनिधि एवं पदाधिकारियों ने लोगों को इस नए अधिनियम के प्रावधान से अवगत कराया। लोगों की जिज्ञासा का उत्तर भी दिया गया। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायत योजना पर भी चर्चा हुई। इस अधिनियम के तहत श्रमिकों का पंजीकरण और ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाएगा। कार्यों की प्राथमिकता क...