मिर्जापुर, नवम्बर 15 -- लालगंज। तहसील परिसर में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय के स्थायी भवन के लिए जमीन के चयन में हो रहे विलंब पर गहरी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्षों से न्यायालय ब्लॉक भवन में अस्थायी रूप से चल रहा है, लेकिन प्रशासन अबतक मानक के अनुसार भूमि तय नहीं कर पाया। इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ता एकजुट हुए और जमीन उपलब्ध कराने को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग पर सहमति बनी। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र दत्त त्रिपाठी ने की। उन्होंने कहा कि ग्राम न्यायालय का अपना भवन ग्रामीण न्याय व्यवस्था के लिए अनिवार्य है। नींव की जमीन ही तय नहीं है। ऐसे में भवन निर्माण की बात करना औपचारिकता भर है। वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र दत्त द्वितीय ने कहा कि ग्राम न्यायालय को अस्थायी भवन में चलाना न्याय की गरिमा के विपरीत है। भूमि च...