रामगढ़, अगस्त 27 -- केदला, निज प्रतिनिधि। ग्रामीणों ने सांसद मनिष जायसवाल को बुधवार को एक ज्ञापन सौपा है। ज्ञापन देते हुए ग्रामीणों ने कहा है कि हम सभी लोग सीसीएल की परेज पूर्वी परियोजना के लिज होल्ड एरिया के विस्थापित प्रभावित रैयत हैं। सीसीएल परेज परियोजना ने वर्ष 1983-84 में ग्राम परेज, दुरुकसामर, बारुघुटू, बंजी, उल्हारा, बरसोम आदि गांव के रैयती और गैर मजरुआ जमीन का अधिग्रहण किया है। इन सातों राजस्व गांव के गैर मजरुआ खास, जंगल झाड़ी भूमि का फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण सैकड़ो रैयतों का नौकरी नहीं हो पा रहा है। सीसीएल की परेज पूर्वी परियोजना का वर्ष 2018 से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के पास फॉरेस्ट क्लीयरेंस का मामला लंबित है। ग्रामीणों ने सांसद से आग्रह किया है की परेज पूर्वी खुली खदान परियोज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.