खगडि़या, जनवरी 9 -- अलौली। एक प्रतिनिधि मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट पंचायतस्तरीय लोहिया स्वच्छता अभियान समय पूर्व ही हाफने लगा है। ग्रामीणों को कचरा प्रबंधन का लाभ नहीं मिल रहा है। कचरा को व्यवस्थित ढंग से रखने लाखों की लागत से बना निस्तारण भवन बना है। पर, अब तक निस्तारित कचरा का जो उपयोग होना था नहीं हो पाया है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी दो साल भी ठीक से संचालित नहीं हो पाया है। असल बात यह है कि लोगों में जो स्वच्छता की भावना जागृत होनी थी वह भी नहीं हो पाया है। इसमें सभी परिवार अभी तक जुड़ाव भी नहीं बना पाया है। कुछ परिवार ही कचरा उठाव में सहयोगी बने हैं। नियमित कार्य संचालन नहीं होने से अधिकांश परिवार कचरा उठाव मद की राशि 30 रुपये प्रतिमाह नहीं दे पाते हैं। जिसके दबाव में विभाग ने तरह तरह का निर्देश भी जारी किया, परन्तु सफलता क...