बगहा, जनवरी 23 -- साठी। गुरुवार की रात्रि नौ बजे आग की लपटों को देख ग्रामीण दौड़ पड़े। फूस की झोपड़ी का टाट तोड़कर दो बच्चों को किसी भी तरह बचा लिया। किन्तु अयान को नहीं बचाया जा सका। ग्रामीणों का कहना था कि आग की लपटें इतनी भयावह थी कि थोड़ी ही देर में असरफ अली के घर को पूरी तरह अपने आगोश में ले लिया। हालांकि ग्रामीणों की बदौलत रेहान (7)व आशिफ (5) की जान बच गयी। पिता ने बताया कि मेरे तीन बच्चे थे। अयान व रेहान जुड़वा थे और आसिफ सबसे छोटा है। वह अपनी पत्नी के साथ बगल के घर मे सो रहे अपने बीमार पिता को देखने गया था। इसी बीच शॉर्ट सर्किट से आग लग गयी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...