उत्तरकाशी, मई 20 -- अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट के अंतर्गत वनाग्नि सीजन 2025 के दौरान वनाग्नि घटनाओं की रोकथाम के कार्यों में वन पंचायत के माध्यम से स्थानीय ग्रामवासियों को जोड़ा जा रहा है। जिसमें प्रभाग द्वारा इस वर्ष प्रथम चरण में 37 वन पंचायतों के माध्यम से पिरुल एकत्रीकरण का कार्य कराया जा रहा है, जिससे जहां वनाग्नि की घटनाओं में रोक लगेगी। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों के आय के साधन में भी बढ़ोतरी होगी। प्रभाग द्वारा पिरुल के लिए 10 रुपये प्रति किलो की दर से वन पंचायतों को भुगतान किया जाएगा, इससे स्थानीय ग्राम वासियों के आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी। प्रभागीय वनाधिकारी रविन्द्र पुण्डीर ने अवगत करते हुए बताया है कि इस वर्ष प्रभाग अंतर्गत लगभग 2000 कुन्तल पिरुल एकत्रीकरण किया जाएगा तथा वर्तमान में वन पंचायतों के माध्यम से स्थानीय जन-मानस क...
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