प्रयागराज, नवम्बर 3 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक निर्णय में कहा है कि राज्य सरकार गांव सभा की भूमि और संपत्तियों से संबंधित सभी चकबंदी मामलों में आवश्यक पक्ष है, विशेष रूप से जहां ऐसी भूमि यूपी-राजस्व संहिता 2006 की धारा 77 (1) (एच) के तहत श्मशान भूमि जैसी सार्वजनिक उपयोगिता भूमि की श्रेणी में आती है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने आदेश में कहा कि एक बार जब क्षेत्र यूपीसीएच अधिनियम की धारा 4 के तहत अधिसूचित हो जाता है तो धारा 11 (सी) के आधार पर चकबंदी प्राधिकारी को यह निर्देश देने का अधिकार प्राप्त हो जाता है कि राज्य सरकार, गांव सभा या किसी अन्य स्थानीय निकाय प्राधिकरण में निहित कोई भी भूमि, जो उसके नाम पर विधिवत दर्ज है और उक्त परिस्थितियों में कोई भी भूमि जिसे यूपी राजस्व संहिता 2006 की धारा 77 (1) (एच) के तहत सार्वजनिक उपयोगिता भूमि के र...
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