वाराणसी, फरवरी 22 -- वाराणसी, हिटी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार को कहा कि गौ-हत्या रक्षा कानून कभी अंग्रेजों या मुसलमानों ने विरोध नहीं किया था। बल्कि अब यह बाधा अपने कुछ लोग पैदा कर रहे हैं। केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ आश्रम में उन्होंने बातचीत में कहा है कि अंग्रेजी हुकूमत के समय गो संरक्षण के लिए साधु-संतों का सहारा लिया गया। लेकिन जब देश स्वतंत्र हुआ तब, तत्कालीन हुक्मरानों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। आज तक यह कानून नहीं बना। एक बार फिर गौ रक्षा के लिए धर्मयुद्ध होना है। उन्होंने दावा किया है कि गाय के मुद्दे पर दो पक्ष हो गए हैं। इसमें एक पक्ष गौ की रक्षा करना चाहता है और दूसरा पक्ष गौ-मांस का निर्यात कर विदेशी डॉलर कमा रहा है। उन्होंने सभी वर्गों से आह्वान किया है कि वे अपना-अपना पक्ष व्यक्त करें कि वे किसके साथ...