कानपुर, नवम्बर 22 -- मलासा विकास खंड के गौरीकरन गांव पानी की टंकी बनी खड़ी है, लेकिन चालू नहीं की गई है। जबकि जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पानी की टंकी बनवाए जाने के शासन की ओर से निर्देश दिए गए थे, जो हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। टंकी का निर्माण तीन साल पहले शुरु हुआ था। जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही योजना में शासन का मकसद यह था कि प्रत्येक गांव के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो। इसके तहत 2023 तक पानी की टंकी बनवाए जाने का लक्ष्य रखा गया था। उसी के साथ घर-घर पाइप लाइन डालने का भी लक्ष्य था, जिससे गांव के लोगों को घर पर ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। चार हजार की आबादी वाले गौरीकरन गांव में तीन वर्ष पूरे हो गए। बावजूद इसके अभी पानी की टंकी चालू नहीं की गई है। कोई यह भी बताने वाला नहीं है कि बनी खड़ी टंकी में क्या काम रह गया है, जिसके चलत...