वाराणसी, दिसम्बर 10 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। कमच्छा स्थित सीएचएस का छात्र गो सेवा के प्रति इतना आकर्षित हुआ कि बिना किसी को बताए सोनीपत (हरियाणा) चला गया था। वहां एक आश्रम में गो-सेवा में लगा था। पिता की गुहार पर पुलिस अफसरों ने कड़ाई बरती, तब करीब 20 माह बाद उसे ढूंढ़ा जा सका। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग वाराणसी टीम ने सोमवार को उसे पिता को सौंपा। नरही (बलिया) निवासी किशोर सीएचएस में कक्षा नौ का छात्र था। दुर्गाकुंड स्थित हॉस्टल में रहता था। 2 अप्रैल 2024 को वह अचानक लापता हुआ तो पिता ने भेलूपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि छानबीन में पता चला कि गो-सेवा के प्रति उसमें अगाध प्रेम है। हॉस्टल में रहने के दौरान वह धर्मसंघ आश्रम जाता था। वहां एक घंटे अकेले ही बैठता और गा...