उरई, जनवरी 7 -- जालौन। गोशाला की गायों की सेवा के लिए पहले मजदूरी मिलती रही है। करीब डेढ़ साल से मजदूरी मिलना बंद हो गई है। पशुपालक ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर मजदूरी दिलाने की मांग की है। तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना निवासी रघुवीर ने एसडीएम हेमंत पटेल को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसके गांव की गोशाला के दो गोवंशीय पशुओं को उसे दिया गया था। उनकी सेवा और खान, पान और दवा आदि के लिए उसे तीन हजार रुपये प्रतिमाह की धनराशि मिलती थी। अगस्त 2024 तक उसे यह धनराशि उसके बैंक खाते के माध्यम से मिली। उसके बाद से खाते में यह धनराशि आना बंद हो गई है। उसके पास गायों की सेवा लिए जो व्यवस्था थी वह भी समाप्त हो चुकी है। वह मजदूरी करके अपना व पशुओं का भरण पोषण बमुश्किल कर पा रहा है। पीड़ित ने उसे मजदूरी दिलाने की मांग एसडीएम से की है।

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