संतोष आर्यन, दिसम्बर 9 -- गोवा के नाइट क्लब में लगी आग में उत्तराखंड के नौ लोग जिंदा जल गए। इसमें पिथौरागढ़ के सुरेंद्र सिंह की भी जान चली गई। नियति का खेल देखिए, सुरेंद्र हादसे से ठीक एक हफ्ता पहले ही बेंगलुरु से नौकरी करने गोवा पहुंचे थे। जर्मनी में काम कर चुके सुरेंद्र दोबारा विदेश जाने के प्रयास में लगे थे। खटीमा में नया घर भी बना रहे थे, लेकिन आग की विभिषिका ने उनकी जिंदगी और परिवार के सपनों को राख कर दिया। पिथौरागढ़ शहर से लगे गुरना क्षेत्र के जमराड़ी सिमली गांव के रहने वाले सुरेंद्र लंबे समय से होटल सेक्टर से जुड़े थे। सोमवार को 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में उनके पिता अमर सिंह ने बताया कि सुरेंद्र ने अपनी होटल में नौकरी की शुरुआत बेंगलुरु से की। पेशे से कुक सुरेंद्र अपनी मेहनत की बदौलत जर्मनी तक पहुंचे। चार साल तक विदेश में काम करने के ब...