उरई, अप्रैल 20 -- कोंच, संवाददाता। सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में 15 साल तक लगातार सुनवाई के बाद भरी अदालत में आरोपी ने गुनाह कबूल कर कहा हां जज साहब मैंने अपराध किया था। जुर्म कबूल करने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद फरहान ने आरोपी को न्यायालय उठने तक की सजा और पांच हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। फैसले में यह भी कहा गया कि आरोपी अर्थदंड अदा नहीं करता है तो एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा जेल में काटेगा। 14 जून वर्ष 2010 में आराजी लाइन कोंच में रहने वाले अफसर को कोतवाली पुलिस ने गोवध अधिनियम में गिरफ्तार किया था। तब तत्कालीन थाना प्रभारी पहूप सिंह ने आरोपी के खिलाफ गौवध अधिनियम में खुद वादी बन एफआईआर दर्ज कराई थी। और विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मवीर सिंह को सौंपी गई थी।विवेचक ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।...
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