संभल, नवम्बर 22 -- जिले की नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में गोवंशीय पशुओं की देखभाल पर हर माह करीब छह लाख रुपये का खर्च हो रहा है। विभिन्न कस्बों में बनाए गए गोआश्रय स्थलों व कांजी हाउसों में कुल 403 आवारा व असहाय पशु संरक्षित किए गए हैं। इन स्थलों पर रहने वाले सांडों में से 33 का बधियाकरण कराया जा चुका है, जबकि सभी पशुओं की ईयर टैगिंग पूरी कर दी गई है ताकि उनकी पहचान और निगरानी में आसानी हो सके। हालांकि संभल नगर पालिका क्षेत्र में अब तक न तो गोआश्रय स्थल बना है और न ही कान्हा गोशाला की सुविधा उपलब्ध हो पाई है। इससे क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने भी नगर पालिका से जल्द गोआश्रय स्थल की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि सड़कों पर घूम रहे गोवंश को सुरक्षित स्थान मिल सके और दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
हिंदी हिन्द...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.