गोरखपुर, नवम्बर 13 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में लखनऊ चिड़ियाघर से लाई गई सबसे बुजुर्ग बाघिन मैलानी की बुधवार सुबह 10 बजे मौत हो गई। वह पिछले छह माह से बीमार चल रही थी। उसका इलाज आईवीआरआई सहित पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय कुमारगंज अयोध्या और चिड़ियाघर के डॉक्टरों की टीम कर रही थी। मौत के बाद चिड़ियाघर की टीम ने पोस्टमार्टम किया है, जहां पर उम्र अधिक होने की वजह से मौत की बात सामने आई है। बाघिन मैलानी को 2013 में लखनऊ की टीम ने रेस्क्यू कर लखीमपुर के मैलानी रेंज के जंगलों से लाई थी। इसके बाद वह लखनऊ चिड़ियाघर में थी। 2021 में जब गोरखपुर चिड़ियाघर खुला तो उसे यहां भेज दिया गया। इसके बाद से ही वह दर्शकों के लिए खास बन गई थी। उसही दहाड़ से हर कोई रोमांचित हो उठता था। इस बीच मई में बर्ड फ...