हरिद्वार, जनवरी 7 -- मानव कल्याण आश्रमों के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणानंद सरस्वती की नवम पुण्यतिथि कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमहंत देवानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि स्वामी कल्याणानंद सरस्वती त्याग, तपस्या व धर्म परायणता की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने गोरक्षा की अलख जगाते हुए जेल यात्रा तक की थी। हरिद्वार, अहमदाबाद और बदरीनाथ में स्थित मानव कल्याण आश्रम सनातन हिन्दू धर्म को उन्हीं की ही देन है जो सेवा और धार्मिक अनुष्ठानों का केन्द्र बने हुए हैं।इस अवसर पर महंत दुर्गेशानन्द सरस्वती, रेणुका बेन, स्वामी कृष्णानन्द, स्वामी कमलानन्द, स्वामी हंसानन्द, पं. संतोष ध्यानी, सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, महेन्द्र, विनित गिरि, संजय वर्मा आदि मौजूद रहे।

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