लखनऊ, जून 1 -- सिस व ट्रांस गोमती की एसटीपी होगी अलग भरवारा एसटीपी पर निर्भरता कम करने की तैयारी लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। गोमती नदी को एक बार फिर उसके स्वच्छ और जीवन्त स्वरूप में लौटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। वर्षों की उपेक्षा और योजनाओं की विफलता के बाद अब शासन ने नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत समेकित प्रयास शुरू किए हैं। 7 अप्रैल को हुई स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा की बैठक के बाद अब एक बार फिर सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियों के साथ सक्रिय किया गया है। जल निगम के माध्यम से एलडीए, नगर निगम, सिंचाई विभाग और अन्य एजेंसियों की कमेटी बना दी गई है। इनसे रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन की नई कार्ययोजना का सबसे अहम बिंदु सिस-गोमती और ट्रांस-गोमती क्षेत्रों के सीवर नेटवर्क को अलग-अलग करना है। अब तक लखनऊ के बड़े क्षेत्र का सीवर भरवारा एसटीपी पर भेजा...
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