भभुआ, जून 11 -- ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मां काली के समक्ष बलि देने की वषार्ें से चली आ रही परंपरा श्रद्धा व उत्साह के साथ पूजा, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए गए (पेज चार) भगवानपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के गोबरछ गांव में ग्रामीणों ने बुधवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मां काली की विशेष पूजा की। वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत रक्तविहीन भेड़ की बलि दी गई। ग्रामीण इसे धार्मिक आस्था का प्रतीक मानते हैं। इस दौरान वह सामाजिक एकता और कल्याण की कामना किए। मां काली समिति के संस्थापक रामकुमार यादव ने बताया कि यह बलि पूरी तरह अहिंसात्मक होती है। इसमें रक्त बहाने की कोई प्रक्रिया नहीं होती, जो इस परंपरा को विशेष बनाती है। ग्रामीणों द्वारा चंदा इकट्ठा कर पूरे श्रद्धा व उत्साह के साथ पूजा, हवन आदि अनुष्ठान किए गए। उन्होंने बताया कि इस पूजा में सामाजिक एकता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.