प्रयागराज, नवम्बर 23 -- प्रगतिशील लेखक संघ इलाहाबाद इकाई की ओर से रविवार को गोपीकृष्ण गोपेश के शताब्दी वर्ष पूरा होने पर उनकी स्मृति में गोपेश शती आयोजन अंजुमन रूह-ए-अदब के सभागार में किया गया। आयोजन के विषय 'कहानियां दूसरी दुनिया की' पर गोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रणय कृष्ण ने अपने विचार रखे। गोपेश जी के अनुवाद की महत्ता पर बात रखते हुए कृष्ण ने कहा कि उन्होंने संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित किया है। इनकी कहानियां ऐतिहासिक दस्तावेज हैं और कहानियों में स्त्री मुक्ति का स्वप्न भी पलता है। आयोजन में मौजूद गोपीकृष्ण गोपेश की बेटी अनीता गोपेश ने कहा कि कहानियों का चयन उन्हीं का है। ला मिजरेबल का अनुवाद अधूरा रह गया था, जिसे डॉ. लाल बहादुर वर्मा ने पूरा किया। वहीं पद्मा सिंह ने 'प्राणी की मां' उपन्यास पर कहा कि एक तरफ युद्ध में परिवार खत्म हो गय...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.