जमशेदपुर, नवम्बर 17 -- गॉल ब्लैडर की थैली के 200 लोगों के ऑपरेशन में एक मरीज पित्त की नली चोटिल हो जाती है। इससे शरीर में इन्फेक्शन फैल जाता है। समय पर बेहतर प्रबंधन के साथ इलाज किया जाए तो यह ठीक किया जा सकता है। ये बातें एम्स पटना के सर्जन डॉ. उत्पल आनंद ने कहीं। वे जमशेदपुर में टाटा मोटर्स की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस में बोलने आए थे। यह अंतर्राष्ट्रीय जर्नल एचपीवी में प्रकाशित हुआ है। तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस में देश भर के चिकित्सक पहुंचे थे, जिन्होंने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और अपने अनुभवों को दूसरे से साझा किया। डॉ. उत्पल ने कहा कि वे लोग 123 मरीजों के मामले पर अपना ध्यान दिए हुए हैं और उनकी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। रविवार को यह कार्यक्रम समन्न हो गया। एम्स पटना के डॉ. मनोज कुमार ने ऑपरेशन के दौरान इस तरह गलतियों से कैसे बची जाए, ...