बलिया, अगस्त 2 -- बलिया, संवाददाता। करीब 19 वर्ष पहले दीवार में चूल्हा सटाने की मामूली बात को लेकर हुए विवाद के दौरान गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी की अदालत ने शुक्रवार को पिता-पुत्र को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनायी। दोनों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त तीन-तीन माह का कारावास भुगतना पड़ेगा। घटना रसड़ा थाना क्षेत्र के गढ़वा गांव में 10 नवंबर 2006 को हुई थी। दीवार में चूल्हा सटाकर खाना बनाने से दीवार काली हो रही थी। ऐसा करने से मना करने पर पड़ोसी ने मारपीट कर घायल कर दिया। गंभीर चोट के वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस मामले में न्यायालय ने गढ़वा निवासी निजामु और उसके पिता फूल मुहम्मद को दोषी मानते हुए दस-दस साल जेल की सजा सुनाई।
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