मेरठ, अप्रैल 9 -- एटीएम में डाले जाने वाले कैश के गबन मामले में सरधना थाने में तैनात सिपाही की भी बागपत पुलिस ने गिरफ्तारी की है। सिपाही थाने से गैरहाजिर रहकर आरोपियों को बचाने में मदद कर रहा था। उसके द्वारा आईओ से सेटिंग की बात सामने आई है। मेरठ की सीएमएस कंपनी बैंकों से रुपये लेकर एटीएम में डालने का काम करती है। कंपनी ने बड़ौत क्षेत्र की जिम्मेदारी आरिफपुर खड़खड़ी गांव निवासी गौरव तोमर और लिसाढ़ गांव निवासी रॉकी मलिक को दी थी। इन दोनों ने एटीएम में डालने के लिए 5.26 करोड़ रुपये लिए, लेकिन एटीएम में रुपये नहीं डाले। कंपनी ने जांच कराई तो गबन का मामला सामने आया। गत माह बड़ौत कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कराया गया। कई आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासा किया। मंगलवार को भी पुलिस ने दो को गिरफ्तार किया। इनमें एक सरधना थाने में तैनात सिपाही ओजस्वी व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.