निखिल पाठक, नवम्बर 6 -- राष्ट्रीय राजधानी की रोहिणी जिला अदालत ने साल 2023 में नाबालिग लड़की से हुए कथित गैंगरेप और पॉक्सो अधिनियम के मामले में नौ आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी को मुकदमे का सामना करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने कहा कि पीड़िता और उसकी मां के बयान ना केवल लगातार बदलते रहे, बल्कि उनके बयानों में गंभीर विरोधाभास भी थे। इसके साथ ही अपने फैसले में अदालत ने पीड़िता को दिए गए 3.75 लाख रुपए के अंतरिम मुआवजे की राशि को वापिस लेने के आदेश दिए हैं।फोन में वीडियो का दावा भी गलत निकला अभियोजन पक्ष का दावा था कि घटना का वीडियो पीड़िता की मां के फोन में है। लेकिन जब फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया तो ऐसा कोई भी वीडियो उसमें नहीं मिला। कथित वार...
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