सिद्धार्थ, जनवरी 29 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने किसानों को गेहूं की फसल में पोषक तत्वों की कमी से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत किया है। उन्होंने बताया कि गेहूं की अच्छी उपज के लिए यह आवश्यक है कि फसल में किसी भी आवश्यक तत्व की कमी न हो। विशेष रूप से बालियां निकलने की अवस्था में यदि बोरान और पोटाश की कमी हो जाए तो दानों का विकास प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि यदि गेहूं की पत्तियां बहुत पतली होकर आपस में उलझी हुई दिखाई दें और पत्तियों के ऊपर दाने जैसे उभार नजर आएं तो यह बोरान की कमी का संकेत है। इस कमी के कारण बालियों में दाने कम बनते हैं। बालियां छोटी रह जाती हैं और कई बार टेढ़ी भी हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में सोलु बोर (20 प्रतिशत बोरान) 1 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से या बो...
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