झांसी, मई 29 -- कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। खूबसूरत दिखने की चाह हर किसी को है। ऐसे में गंजापन घेर ले तो सारे सपने चकनाचूर हो लगने लगते हैं। आत्मविश्वास खो चुके व्यक्ति की इसी हालत का फायदा झोलाछाप हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर उठा रहे हैं। व्यक्ति ने इंटरनेट पर बालों के लिए सर्च किया और एक बार जाल में फंसा तो फंसता चला गया। यही वजह है कि ग्राहकों को झांसे में लेने का सबसे बेहतरीन जरिया गूगल बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार गूगल पर सर्च के दौरान जो हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर दिखते हैं उनमें से 85 फीसदी की कमान झोलाछाप के पास है। महज 15 फीसदी ही योग्यता रखने वाले हैं। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की हेयर ट्रांसप्लांट को लेकर कड़ी शर्तों व नियमों को जानना बेहद जरूरी है। अगर इनकी जानकारी है तो उस शख्स के साथ विनीत दुबे और मयंक कटियार जैसी घटना नहीं होग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.