हरिद्वार, नवम्बर 23 -- उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के संस्कृत अकादमी सभागार में श्री गुरु तेगबहादुर के 350वें बलिदान दिवस पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, संस्कृत शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि गुरु तेगबहादुर का बलिदान केवल एक धर्म के लिए नहीं बल्कि दूसरों के धर्म और अधिकारों की रक्षा के लिए था। उन्होंने बताया कि गुरु तेगबहादुर का जीवन त्याग, तपस्या, सत्य और साहस का प्रतीक था, जिसकी रोशनी में भारतीय सभ्यता आज भी उज्ज्वल है। विशिष्ट अतिथि गुरुद्वारा श्रीहेमकुंट साहब समिति ऋषिकेश के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि उनकी शहादत सिखों ही नहीं बल्कि समस्त मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय बठिंडा के कुलाधिपति जगबीर सिंह, मध्य प्र...