सिद्धार्थ, नवम्बर 26 -- बिजौरा, हिन्दुस्तान संवाद। भनवापुर क्षेत्र के गागापुर गांव में चल रहे रामलीला के चौथे दिन सोमवार रात कलाकारों ने धनुष यज्ञ से लेकर राम विवाह तक का संजीव मंचन किया। इसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। मंचन के दौरान प्रभु श्रीराम ने गुरु की आज्ञा लेकर धनुष को तोड़ दिया। धनुष टूटते ही माता सीता ने प्रभु को वरमाला पहनाई। यह मंचन देख दर्शक मोहित हो उठे। कलाकारों ने दिखाया कि भगवान शंकर का धनुष जो परशुराम के माध्यम से महाराज जनक को मिला था, महाराज उसकी प्रतिदिन पूजा अर्चना करते थे। एक दिन वह राज्य से बाहर गए थे, तब महारानी सुनैना से धनुष की पूजा करने के लिए कह गए थे लेकिन महाराज की पुत्री सीता ने बाएं हाथ से धनुष को उठा कर दाहिने हाथ से उस जगह का लेपन करने के बाद पूजन अर्चन कर दिया। राजा जनक जब लौटकर आए तो धनुष के नीचे लेपन द...