लखनऊ, नवम्बर 11 -- लखनऊ, संवाददाता। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से वृंदावन योजना, सेक्टर-11, मंदिर वाला पार्क में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास साध्वी कनकेश्वरी जी ने प्रायश्चित के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा अपनी गलतियों के बारे में लगातार सोचने से व्यक्ति पाप के बोझ तले दब सकता है। यहीं पर गुरु की भूमिका आती है जो शिष्य को सही मार्गदर्शन देकर, गलतियों से सीखने और आत्म-सुधार की राह पर ले जाते हैं। जिससे वह पाप के प्रभाव से मुक्त हो सकें। गुरु एक मार्गदर्शक की तरह शिष्य की मदद करते हैं। जिससे वह सही रास्ते पर आगे बढ़ते हैं। इस मौके पर सीनियर आर्ट ऑफ लिविंग फैकल्टी अंजलि सेठ, पूनम जैन, गौरव सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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